₹10 लाख सैलरी टैक्स कैलकुलेशन भारत (FY 2026-27 उदाहरण)
श्रेणी: टैक्स और बजट · प्रकाशित 2026-03-18 · Priyanka द्वारा
आइए FY 2026-27 में ₹10,00,000 CTC वाले नौकरीपेशा कर्मचारी के लिए एक साफ़, नंबर-केंद्रित टैक्स कैलकुलेशन देखते हैं।
स्टेप 1 — Standard Deduction घटाएं
- New regime: ₹75,000 → taxable ₹9,25,000
- Old regime: ₹50,000 → taxable ₹9,50,000
स्टेप 2 — स्लैब लागू करें (बजट 2025 — FY 2025-26)
नई रिजीम (₹9,25,000 कर योग्य आय पर):
0–4L: ₹0
4–8L @ 5%: ₹20,000
8–9.25L @ 10%: ₹12,500
रिबेट से पहले टैक्स = ₹32,500। Section 87A रिबेट (₹60,000 तक अगर कर योग्य ≤ ₹12L) इसे शून्य कर देती है → अंतिम टैक्स = ₹0।
पुरानी रिजीम (₹1.5L 80C + ₹25K 80D + ₹50K स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद = ₹7,75,000 कर योग्य):
0–2.5L: ₹0
2.5–5L @ 5%: ₹12,500
5–7.75L @ 20%: ₹55,000
टैक्स = ₹67,500 + 4% सेस = ₹70,200।
स्टेप 3 — विजेता चुनें
₹10L सैलरी पर, नई रिजीम पुरानी रिजीम की तुलना में पूरे ₹70,200 बचाती है — स्पष्ट जीत। पुरानी रिजीम तभी बराबरी करती है जब आपके पास बड़ी Home Loan ब्याज कटौती + HRA हो। पुष्टि के लिए अपनी सटीक कटौतियों के साथ टैक्स कैलकुलेटर चलाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में ₹10 लाख सैलरी पर कितना टैक्स लगता है?
नई रिजीम (बजट 2025, FY 2025-26) के तहत: ₹0 — ₹75K स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद ₹9.25L कर योग्य आय पूरी तरह बढ़ी हुई ₹60,000 Section 87A रिबेट से कवर हो जाती है। पुरानी रिजीम में ₹1.5L 80C + ₹25K 80D + ₹50K SD के साथ: लगभग ₹70,200।
क्या ₹10 लाख सैलरी पूरी तरह टैक्स-फ्री हो सकती है?
हाँ — नई रिजीम (बजट 2025) के तहत, ₹10 लाख सैलरी ₹75K स्टैंडर्ड डिडक्शन और ₹60,000 Section 87A रिबेट की बदौलत पहले से पूरी तरह टैक्स-फ्री है (₹12.75L CTC तक शून्य टैक्स)। किसी अतिरिक्त प्लानिंग की ज़रूरत नहीं।