स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर भारत 2026 — राज्यवार दरें और रजिस्ट्रेशन शुल्क
भारत के 20 प्रमुख राज्यों में प्रॉपर्टी खरीद पर सटीक स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की गणना करें। पुरुष, महिला और संयुक्त खरीदारों के लिए दरों की तुलना करें और बचत के तरीके जानें।
प्रॉपर्टी विवरण
टिप: अधिकांश राज्यों में महिला के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करने पर 1-2% स्टाम्प ड्यूटी की बचत होती है। ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी पर यह ₹1-2 लाख की बचत हो सकती है।
स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क
राज्य-
प्रॉपर्टी मूल्य-
स्टाम्प ड्यूटी दर-
स्टाम्प ड्यूटी राशि-
रजिस्ट्रेशन शुल्क-
कुल देय राशि (ड्यूटी + रजिस्ट्रेशन)-
प्रभावी दर-
राज्यवार स्टाम्प ड्यूटी दरें एक नज़र में (2026)
राज्य
पुरुष
महिला
रजिस्ट्रेशन
स्टाम्प ड्यूटी क्या है?
स्टाम्प ड्यूटी भारत में प्रॉपर्टी लेनदेन की कानूनी मान्यता पर लगाया जाने वाला राज्य-स्तरीय टैक्स है। जब आप कोई मकान, फ्लैट, प्लॉट या कोई भी अचल संपत्ति खरीदते हैं, तो सेल डीड को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में स्टाम्प और रजिस्टर करवाना होता है। स्टाम्प ड्यूटी इस बात का प्रमाण है कि लेनदेन कानूनी रूप से वैध और बाध्यकारी है।
भारत में स्टाम्प ड्यूटी के बारे में मुख्य बातें:
राज्य विषय: स्टाम्प ड्यूटी दरें राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित की जाती हैं, इसलिए दरें 3% (गोवा) से 8.25% (असम) तक अलग-अलग होती हैं।
अधिक मूल्य पर गणना: ड्यूटी वास्तविक बिक्री मूल्य या सर्कल रेट (सरकारी मूल्यांकन, जिसे गाइडेंस वैल्यू या रेडी रेकनर रेट भी कहते हैं) में से जो अधिक हो, उस पर लगाई जाती है।
लिंग आधारित छूट: अधिकांश राज्य महिला खरीदारों को 1-2% कम दर प्रदान करते हैं, जिससे महिला के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करना आर्थिक रूप से समझदारी भरा कदम है।
एकमुश्त भुगतान: प्रॉपर्टी टैक्स (वार्षिक) के विपरीत, स्टाम्प ड्यूटी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय एक बार चुकाई जाने वाली लागत है।
स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की गणना कैसे करें
अपनी स्टाम्प ड्यूटी देनदारी जानने के लिए इन चरणों का पालन करें:
चरण 1: प्रॉपर्टी का मूल्य निर्धारित करें — एग्रीमेंट वैल्यू (बिक्री मूल्य) या सरकार द्वारा निर्धारित सर्कल रेट/रेडी रेकनर रेट में से जो अधिक हो, उसका उपयोग करें।
चरण 2: अपने राज्य, लिंग और प्रॉपर्टी शहरी क्षेत्र में है या ग्रामीण क्षेत्र में, इसके आधार पर लागू स्टाम्प ड्यूटी दर पता करें।
चरण 3: स्टाम्प ड्यूटी राशि जानने के लिए प्रॉपर्टी मूल्य को स्टाम्प ड्यूटी दर से गुणा करें।
चरण 4: रजिस्ट्रेशन शुल्क जोड़ें — अधिकांश राज्यों में यह प्रॉपर्टी मूल्य का 1% है, कुछ राज्यों में अधिक मूल्य की प्रॉपर्टी पर ₹30,000 की अधिकतम सीमा है।
चरण 5: कुल देय राशि = स्टाम्प ड्यूटी + रजिस्ट्रेशन शुल्क। यह भुगतान सब-रजिस्ट्रार द्वारा प्रॉपर्टी दस्तावेज़ रजिस्टर करने से पहले करना होगा।
उदाहरण: दिल्ली में महिला खरीदार द्वारा ₹80 लाख की प्रॉपर्टी — स्टाम्प ड्यूटी = ₹80L का 4% = ₹3,20,000। रजिस्ट्रेशन = 1% = ₹80,000। कुल = ₹4,00,000। पुरुष खरीदार 6% = ₹4,80,000 + ₹80,000 = ₹5,60,000 — अंतर ₹1,60,000 का।
भारत में स्टाम्प ड्यूटी बचाने के तरीके
महिला के नाम पर रजिस्टर करें: अधिकांश राज्य महिला खरीदारों को 1-2% की छूट देते हैं। स्टाम्प ड्यूटी कम करने का यह सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
संयुक्त रजिस्ट्रेशन: यदि पति-पत्नी संयुक्त रूप से खरीदते हैं, तो कुछ राज्य मिश्रित दर (पुरुष और महिला दरों का औसत) पर ड्यूटी लगाते हैं, जिससे आंशिक बचत होती है।
सरकारी योजनाएँ जाँचें: PMAY (प्रधानमंत्री आवास योजना) और अन्य किफायती आवास योजनाओं के तहत प्रॉपर्टी पर कुछ राज्यों में कम स्टाम्प ड्यूटी लग सकती है।
इनकम टैक्स में कटौती का दावा करें: इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C (पुरानी व्यवस्था) के तहत, आवासीय प्रॉपर्टी के लिए भुगतान की गई स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर खरीद के वर्ष में ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा किया जा सकता है।
खरीदारी का समय चुनें: कुछ राज्य समय-समय पर स्टाम्प ड्यूटी में कमी की घोषणा करते हैं। महाराष्ट्र ने कोविड (2020-21) के दौरान दरें कम की थीं, जिससे खरीदारों को लाखों रुपये की बचत हुई।
सर्कल रेट सत्यापित करें: सुनिश्चित करें कि उपयोग किया गया सर्कल रेट वर्तमान और सही तरीके से लागू है। कभी-कभी ज़ोन सीमा के पास की प्रॉपर्टी कम दर वाले ज़ोन में आ सकती है।
भारत में राज्यवार स्टाम्प ड्यूटी दरें (2026)
नीचे भारत के सभी 20 प्रमुख राज्यों की स्टाम्प ड्यूटी दरों का विस्तृत संदर्भ दिया गया है। जब तक अन्यथा न बताया जाए, दरें आवासीय प्रॉपर्टी के लिए हैं।
राज्य
पुरुष दर
महिला दर
विशेष नोट
महाराष्ट्र (Maharashtra)
6-7%
5-6%
मुंबई 6%/5%, शेष 7%/6%
दिल्ली (Delhi)
6%
4%
पूरे NCT दिल्ली में एक समान दर
कर्नाटक (Karnataka)
5% / 3%
3% / 2%
शहरी / ग्रामीण दरें
तमिलनाडु (Tamil Nadu)
8%
7%
शहरी/ग्रामीण भेद नहीं
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
7%
6%
पूरे राज्य में एक समान
गुजरात (Gujarat)
4.9%
4.9%
लिंग भेद नहीं
राजस्थान (Rajasthan)
6%
5%
पूरे राज्य में एक समान
हरियाणा (Haryana)
7%
5%
महिलाओं को 2% छूट
तेलंगाना (Telangana)
7.5%
7.5%
लिंग भेद नहीं
पश्चिम बंगाल (West Bengal)
7% / 6%
6% / 5%
शेष WB / कोलकाता दरें
केरल (Kerala)
8%
6%
महिलाओं को 2% छूट
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
7.5%
6.5%
पूरे राज्य में एक समान
पंजाब (Punjab)
7%
5%
महिलाओं को 2% छूट
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)
5%
5%
लिंग भेद नहीं
बिहार (Bihar)
6.5%
5.5%
पूरे राज्य में एक समान
ओडिशा (Odisha)
5%
4%
पूरे राज्य में एक समान
झारखंड (Jharkhand)
4%
3%
पूरे राज्य में एक समान
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
5%
4%
पूरे राज्य में एक समान
असम (Assam)
8.25%
6.25%
महिलाओं को 2% छूट
गोवा (Goa)
3.5%
2.5%
भारत में सबसे कम दरें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में प्रॉपर्टी पर स्टाम्प ड्यूटी क्या है?
स्टाम्प ड्यूटी राज्य सरकार द्वारा प्रॉपर्टी लेनदेन पर लगाया जाने वाला टैक्स है। यह सेल डीड या ट्रांसफर डीड को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्टर करते समय भुगतान किया जाता है। राज्य, खरीदार के लिंग और प्रॉपर्टी की लोकेशन (शहरी या ग्रामीण) के आधार पर दरें 3% से 8.25% तक होती हैं। यह प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय एकमुश्त भुगतान है और लेनदेन के कानूनी प्रमाण के रूप में काम करता है।
क्या पुरुष और महिला खरीदारों के लिए स्टाम्प ड्यूटी अलग-अलग होती है?
हाँ, भारत के अधिकांश राज्यों में महिला खरीदारों को स्टाम्प ड्यूटी में 1-2% की छूट मिलती है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में पुरुष 6% और महिलाएँ 4% भुगतान करती हैं। हरियाणा में पुरुष 7% और महिलाएँ 5% भुगतान करती हैं। महिला के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करने से काफी बचत हो सकती है — दिल्ली में ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी पर ₹2 लाख की बचत होगी।
भारत में रजिस्ट्रेशन शुल्क क्या हैं?
रजिस्ट्रेशन शुल्क वह फीस है जो प्रॉपर्टी लेनदेन को कानूनी रूप से दर्ज करने के लिए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को दी जाती है। अधिकांश राज्य प्रॉपर्टी मूल्य का 1% रजिस्ट्रेशन फीस लेते हैं। कुछ राज्यों में ₹30 लाख से अधिक मूल्य की प्रॉपर्टी पर ₹30,000 की अधिकतम सीमा है। भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत सभी प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
क्या पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करके स्टाम्प ड्यूटी बचा सकते हैं?
हाँ, अधिकांश राज्यों में महिला के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर करने पर कम स्टाम्प ड्यूटी लगती है। दिल्ली में 2% की बचत (6% बनाम 4%) और हरियाणा में 2% की बचत (7% बनाम 5%) होती है। ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी पर ₹1-2 लाख तक की बचत हो सकती है। प्रॉपर्टी कानूनी रूप से उसी व्यक्ति की होगी जिसके नाम पर रजिस्टर है।
क्या आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर स्टाम्प ड्यूटी समान है?
भारत के अधिकांश राज्यों में आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर स्टाम्प ड्यूटी दर समान है। हालाँकि, कुछ राज्य व्यावसायिक लेनदेन पर अतिरिक्त सरचार्ज या सेस लगा सकते हैं। कृषि भूमि पर आमतौर पर कई राज्यों में कम दरें लागू होती हैं। सटीक दर के लिए हमेशा अपने राज्य की विशिष्ट अनुसूची जाँचें।
2026 में महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी कितनी है?
महाराष्ट्र में मुंबई में सभी खरीदारों के लिए स्टाम्प ड्यूटी 6% है, महिलाओं को 1% की छूट मिलती है (वास्तव में 5%)। शेष महाराष्ट्र में पुरुषों के लिए 7% और महिलाओं के लिए 6% है। रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरे महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी मूल्य का 1% है। मुंबई दरों में मेट्रो सेस पहले से शामिल है।
प्रॉपर्टी मूल्य पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना कैसे होती है?
स्टाम्प ड्यूटी लेनदेन मूल्य (बिक्री मूल्य) या सर्कल रेट (सरकारी मूल्यांकन, जिसे गाइडेंस वैल्यू या रेडी रेकनर रेट भी कहते हैं) में से जो अधिक हो, उस पर लगाई जाती है। सर्कल रेट से कम बिक्री मूल्य दर्शाकर स्टाम्प ड्यूटी कम नहीं की जा सकती। सब-रजिस्ट्रार दस्तावेज़ स्वीकार करने से पहले सर्कल रेट सत्यापित करता है।
क्या स्टाम्प ड्यूटी पर टैक्स छूट मिलती है?
हाँ, इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C के तहत, आवासीय प्रॉपर्टी के लिए भुगतान की गई स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर खरीद के वर्ष में ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा किया जा सकता है। यह लाभ केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था में उपलब्ध है। नई टैक्स व्यवस्था (बजट 2025 से डिफ़ॉल्ट) में धारा 80C की कटौती की अनुमति नहीं है।
रोज़ाना मनी टिप्स के लिए प्रियंका फाइनेंस को फॉलो करें YouTube पर @priyankafinance सब्सक्राइब करें — 60-सेकंड के टैक्स, SIP और निवेश वीडियो। Instagram पर डेली रील्स फॉलो करें।
महत्वपूर्ण अस्वीकरण: इस वेबसाइट पर सभी सामग्री, कैलकुलेटर, सरकारी योजनाओं का विवरण, टैक्स स्लैब और निवेश जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है। यहाँ दी गई कोई भी जानकारी वित्तीय, निवेश, टैक्स, कानूनी या बीमा सलाह नहीं है। कैलकुलेटर सरलीकृत मॉडल का उपयोग करते हैं — वास्तविक स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क आपके राज्य के वर्तमान कानूनों, सर्कल रेट और प्रॉपर्टी वर्गीकरण पर निर्भर करते हैं। सरकारी नियम, दरें और छूट बदल सकते हैं। कृपया नवीनतम दरें अपने राज्य के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट पर सत्यापित करें और आगे बढ़ने से पहले किसी प्रॉपर्टी वकील या चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श लें। हम जानकारी की सटीकता या पूर्णता की कोई गारंटी नहीं देते और इसके उपयोग से होने वाली किसी भी हानि के लिए कोई दायित्व स्वीकार नहीं करते।