ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) क्या है? — अर्थ, परिभाषा और उदाहरण
परिभाषा
ITR आयकर विभाग को प्रस्तुत किया जाने वाला वार्षिक कर दस्तावेज है जिसमें आपकी कुल आय, कटौती और कर देनदारी घोषित की जाती है।
If you're a salaried employee with income from salary and one house property, you file ITR-1 (Sahaj) before July 31 each year.
🇬🇧 English में (ITR (Income Tax Return))
ITR is an annual tax document filed with the Income Tax Department declaring your total income, deductions, and tax liability for a financial year. Filing is mandatory if income exceeds ₹3 lakh (or ₹2.5 lakh under Old Regime). There are 7 ITR forms (ITR-1 to ITR-7) for different income types.
कौन सा ITR फॉर्म आपका है? (90% लोगों को बस यही तालिका चाहिए)
| फॉर्म | किसके लिए | आम उपयोगकर्ता |
|---|---|---|
| ITR-1 (सहज) | वेतन + एक मकान + अन्य आय; कुल ≤ ₹50L | अधिकांश वेतनभोगी |
| ITR-2 | ITR-1 वाले + पूंजीगत लाभ, >1 मकान, या विदेशी संपत्ति | शेयर/MF बेचने वाले वेतनभोगी |
| ITR-3 | व्यवसाय/पेशेवर आय (बही-खाते सहित) | कंसल्टेंट, कारोबारी |
| ITR-4 (सुगम) | 44AD/44ADA अनुमानित आय, ≤ ₹50L | प्रिज़म्प्टिव स्कीम वाले फ्रीलांसर |
गलत फॉर्म भरने से रिटर्न दोषपूर्ण हो जाता है — एक भी म्यूचुअल फंड यूनिट लाभ पर बेची तो ITR-1 बाहर, ITR-2 अंदर। पोर्टल फॉर्म पहले से चुनता है; उस पर आँख मूँदकर भरोसा करने की बजाय इस तालिका से मिलाएँ।
वो तारीखें जो पैसा खर्च कराती हैं
| घटना | तारीख | चूके तो... |
|---|---|---|
| नियमित नियत तारीख (नॉन-ऑडिट) | 31 जुलाई (31 मार्च को खत्म FY के लिए) | लेट फीस + ब्याज शुरू |
| विलंबित / संशोधित रिटर्न | 31 दिसंबर | ₹1,000 (आय ≤5L) या ₹5,000 फीस (234F) + बकाया कर पर 1%/माह ब्याज |
| ई-वेरिफिकेशन विंडो | फाइलिंग के 30 दिन | रिटर्न फाइल ही नहीं माना जाता |
| घाटा आगे ले जाना | सिर्फ 31 जुलाई तक फाइल करने पर | पूंजी/व्यवसाय घाटे लैप्स — 8 साल के भविष्य के लाभों से समायोजन नहीं |
फाइल करने से पहले — 15 मिनट का दस्तावेज़ मिलान
तीन चीज़ें निकालकर मिलाएँ: फॉर्म 16 (नियोक्ता), फॉर्म 26AS (आपके PAN पर जमा सारा TDS) और AIS/TIS (हर रिपोर्टेड लेन-देन — ब्याज, डिविडेंड, MF सौदे, प्रॉपर्टी)। रिटर्न और AIS का बेमेल नोटिस का #1 कारण है; चिट्ठी आने के बाद नहीं, फाइलिंग से पहले सुधारें।
आय सीमा से कम हो तब भी फाइल क्यों करें
① रिफंड — शून्य टैक्स बनता हो तब भी बैंक FD ब्याज पर TDS काटते हैं (15G देर से दिया? वापसी सिर्फ ITR से)। ② वीज़ा आवेदन — अधिकांश दूतावास 2-3 साल के ITR माँगते हैं। ③ लोन मंज़ूरी — स्व-रोज़गार के लिए ITR ही आय-प्रमाण है। ④ ऊपर वाला लॉस कैरी-फॉरवर्ड। निल रिटर्न पोर्टल पर ~20 मिनट का काम है।
ITR के अंदर पुरानी vs नई व्यवस्था
नई व्यवस्था डिफॉल्ट है; वेतनभोगी हर साल फाइलिंग के समय व्यवस्था बदल सकते हैं (व्यवसाय आय वालों को एक बार)। फाइल करने से पहले दोनों के आँकड़े निकालें — हमारा रिजीम डिसीजन मैट्रिक्स FY 2026-27 का सटीक गणित दिखाता है (नई व्यवस्था में ₹12L कर-योग्य = शून्य टैक्स, 87A से)।
नियम जुलाई 2026 तक सत्यापित (FY 2026-27 ढाँचा; बजट 2026 में कोई कर बदलाव नहीं)। तथ्य अंतिम बार जाँचे: 14 जुलाई 2026, प्रियंका धवन द्वारा। (Facts last checked: 14 July 2026)