कैपिटल गेन्स टैक्स क्या है? — अर्थ, परिभाषा और उदाहरण
परिभाषा
कैपिटल गेन्स टैक्स शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या सोने जैसी पूंजीगत संपत्ति बेचने से हुए लाभ पर लगाया जाता है। STCG कम होल्डिंग अवधि पर और LTCG लंबी अवधि पर लागू होता है।
Selling equity shares held for 18 months with ₹2 lakh profit: LTCG of ₹75,000 taxed at 12.5% (after ₹1.25L exemption) = ₹9,375 tax.
🇬🇧 English में (Capital Gains Tax)
Capital Gains Tax is levied on profit from selling capital assets like stocks, mutual funds, property, or gold. Short-Term Capital Gains (STCG) applies for shorter holding periods, while Long-Term Capital Gains (LTCG) applies for longer holding periods with generally lower rates.
वर्तमान दरें (बजट-2024 के बाद — FY 2026-27 में भी लागू)
| संपत्ति | शॉर्ट-टर्म (दर) | लॉन्ग-टर्म (अवधि / दर) |
|---|---|---|
| सूचीबद्ध शेयर व इक्विटी म्यूचुअल फंड | 20% (<12 महीने) | 12+ महीने: 12.5%, ₹1.25 लाख/वर्ष से ऊपर के लाभ पर |
| प्रॉपर्टी (ज़मीन/मकान) | स्लैब दर (<24 महीने) | 24+ महीने: 12.5% बिना इंडेक्सेशन* |
| डेट म्यूचुअल फंड (1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदे) | स्लैब दर | स्लैब दर — कोई LTCG लाभ नहीं |
| फिज़िकल गोल्ड / ज्वेलरी | स्लैब दर (<24 महीने) | 24+ महीने: 12.5% |
| गोल्ड ETF / गोल्ड फंड (सूचीबद्ध) | स्लैब दर (<12 महीने) | 12+ महीने: 12.5% |
*प्रॉपर्टी ग्रैंडफादरिंग: 23 जुलाई 2024 से पहले खरीदी प्रॉपर्टी पर निवासी व्यक्ति 12.5% बिना इंडेक्सेशन या 20% इंडेक्सेशन-सहित — जो बेहतर हो चुन सकते हैं; बेचने से पहले दोनों की गणना करें।
₹1.25 लाख की मुफ्त छूट (हर साल इस्तेमाल करें)
इक्विटी LTCG ₹1.25 लाख प्रति वित्त-वर्ष तक टैक्स-फ्री है। समझदार निवेशक इसे "हार्वेस्ट" करते हैं: मार्च में ₹1.25L तक के लाभ वाले विजेता बेचकर वापस खरीद लेते हैं — दोबारा खरीद से लागत ऊपर रीसेट होती है और छूट अगले साल फिर मिलती है। बिना इस्तेमाल यह लैप्स हो जाती है; दशक भर में ₹12.5L+ के लाभ टैक्स-फ्री हो सकते थे।
सेट-ऑफ नियम — जहाँ घाटा काम आता है
शॉर्ट-टर्म घाटा शॉर्ट और लॉन्ग दोनों लाभों से समायोजित हो सकता है। लॉन्ग-टर्म घाटा सिर्फ लॉन्ग-टर्म लाभ से। बचा घाटा 8 साल आगे बढ़ता है — पर सिर्फ तभी जब ITR नियत तारीख तक भरी हो। डेडलाइन चूकी तो पूरा लॉस-बैंक जल जाता है।
प्रॉपर्टी बेचने पर बड़ी छूटें
सेक्शन 54: घर बेचकर 2 साल में दूसरा खरीदें (या 3 में बनाएँ) — पुनर्निवेश की सीमा तक LTCG छूट। 54F: कोई भी लॉन्ग-टर्म संपत्ति बेचकर रकम घर में लगाएँ। 54EC: प्रॉपर्टी लाभ में से ₹50 लाख तक 6 महीने में REC/NHAI बॉन्ड में (5-वर्ष लॉक, ~5.25% कर-योग्य ब्याज)। ITR तारीख तक न लगाई रकम Capital Gains Account Scheme में रखें ताकि दावा बचा रहे।
नियम जुलाई 2026 तक सत्यापित (बजट-2024 के बाद का पूंजीगत-लाभ ढाँचा; बजट 2026 में कोई बदलाव नहीं)। तथ्य अंतिम बार जाँचे: 11 जुलाई 2026, प्रियंका धवन द्वारा। (Facts last checked: 11 July 2026)