NAV (नेट एसेट वैल्यू) क्या है? — अर्थ, परिभाषा और उदाहरण
परिभाषा
NAV म्यूचुअल फंड स्कीम की प्रति-यूनिट बाजार मूल्य है। इसकी गणना कुल संपत्ति मूल्य में से देनदारियां घटाकर, बकाया यूनिटों की संख्या से भाग देकर की जाती है।
If a mutual fund has assets worth ₹100 crore and 10 crore units outstanding, the NAV is ₹10 per unit.
🇬🇧 English में (NAV (Net Asset Value))
NAV is the per-unit market value of a mutual fund scheme. It is calculated by dividing the total value of all assets minus liabilities by the number of outstanding units. NAV is updated daily after market hours.
30-सेकंड की मशीनरी
NAV = (फंड की कुल संपत्ति का मूल्य − देनदारियाँ) ÷ यूनिटों की संख्या, बाज़ार बंद होने के बाद दिन में एक बार। NAV ₹50 पर ₹10,000 लगाए → 200 यूनिट मिलीं; कल फंड के शेयर 2% चढ़े → NAV ~₹51, आपका पैसा ~₹10,200। बस यही पूरी मशीन है — NAV यूनिट-कीमत है, स्कोरबोर्ड नहीं।
वह मिथक जो खराब NFO बेचता है
"₹10 NAV, ₹500 NAV से सस्ता है" भारतीय MF इतिहास की सबसे पुरानी गलत-बिक्री है। एक जैसे पोर्टफोलियो और रिटर्न वाले दो फंड आपको एक जैसा पैसा बनाते हैं, NAV चाहे जो हो — 12% वृद्धि ₹10 को ₹11.20 और ₹500 को ₹560 करती है; आपके ₹10,000 दोनों में ₹11,200 बनते हैं। ₹500 NAV का आमतौर पर मतलब बस पुराना फंड है (दशकों की कंपाउंडिंग) — बल्कि उसके पक्ष का हल्का सबूत। ₹10 वाली NFO मार्केटिंग ठीक इसी भ्रम का फायदा उठाती है।
कट-ऑफ समय: असल में किस दिन का NAV मिलता है
| फंड प्रकार | ऑर्डर + पैसा पहुँचे इससे पहले | मिलने वाला NAV |
|---|---|---|
| इक्विटी / हाइब्रिड फंड | दोपहर 3:00 | उसी दिन का NAV |
| इक्विटी / हाइब्रिड फंड | 3:00 के बाद | अगला कारोबारी दिन |
| लिक्विड / ओवरनाइट फंड | 1:30 (पैसा पहुँच जाए) | पिछले दिन का NAV (+1 दिन की कमाई) |
2021 से NAV इस पर तय होता है कि पैसा AMC तक कब पहुँचा, 'buy' कब दबाया उस पर नहीं — 2:55 की UPI SIP भी देर से सेटल होकर कट-ऑफ चूक सकती है। एकमुश्त के लिए सुबह-सुबह ट्रांसफर करें।
डायरेक्ट vs रेगुलर NAV — वह अंतर जो आपका नुकसान नापता है
वही फंड डायरेक्ट प्लान में रेगुलर से ऊँचा NAV दिखाता है — पोर्टफोलियो वही, पर रेगुलर का NAV धीमे बढ़ता है क्योंकि कमीशन रोज़ उसी के अंदर से कटता है। सालों में चौड़ा होता डायरेक्ट-माइनस-रेगुलर अंतर सचमुच आपके 'सलाहकार' की कंपाउंड हुई कमाई है, स्क्रीन पर छपी (पूरा गणित हमारी डायरेक्ट-vs-रेगुलर गाइड में)।
तीन और NAV व्यवहार जो उलझाते हैं
① IDCW भुगतान के दिन: NAV भुगतान जितना गिरता है — 'डिविडेंड' आपके ही NAV से निकला (म्यूचुअल फंड गाइड)। ② ETF कीमत ≠ NAV: स्क्रीन की ETF कीमत माँग से लाइव iNAV से भटकती है — वह स्प्रेड असली लागत है (ETF गाइड में बचाव)। ③ बिना बाज़ार-खबर बड़ी NAV गिरावट: घबराने से पहले फंड स्प्लिट/बोनस या IDCW रिकॉर्ड-डेट देखें।
नियम जुलाई 2026 तक सत्यापित (बजट-2024/2025 के बाद का ढाँचा, बजट 2026 में अपरिवर्तित)। तथ्य अंतिम बार जाँचे: 14 जुलाई 2026, प्रियंका धवन द्वारा। (Facts last checked: 14 July 2026)